frji फर्जी तरीके से स्थायी निवास प्रमाण पत्र बनाने पर तीन गिरफ्तार

फर्जी तरीके से स्थायी निवास प्रमाण पत्र बनाने पर तीन गिरफ्तार

उत्तराखण्ड ताजा खबर देहरादून नैनीताल
खबर शेयर करें

हल्द्वानी। तहसीलदार हल्द्वानी कुलदीप पांडे की और से दी गई लिखित तहरीर के आधार पर राज्य में फर्जी तरीके से स्थायी निवास प्रमाण पत्र बनवाकर डेमोग्राफी चेंज के प्रयास के गंभीर मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस की पूछताछ में आरोपियों ने बड़े खुलासे किये है और इस पूरे मामले में एक विद्युत विभाग के एक कर्मचारी की संलिप्तता भी सामने आयी है। पुलिस ने तीनों आरोपियों को साक्ष्य प्रभावित होने से रोकने, आगे अपराध की संभावना खत्म करने और निष्पक्ष जांच के लिए हिरासत में ले लिया है। फिलहाल पुलिस तीनों आरोपियों को न्यायालय में प्रस्तुत करने की तैयारी कर रही है।

बता दे कि आयुक्त कुमाऊं दीपक रावत ने बीते गुरुवार को बनभूलपुरा स्थित सीएससी सेंटर में छापा मारकर दस्तावेज़ लेखक फैजान मिकरानी को फर्जी दस्तावेज़ बनाते हुए रंगे हाथों पकड़ा था। उन्होंने तहसील प्रशासन को आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के निर्देश दिए थे। तहसीलदार हल्द्वानी कुलदीप पांडे की तहरीर पर बनभूलपुरा थाना पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। एसएसपी डॉ. मंजूनाथ टीसी ने प्रेस वार्ता करते हुए बताया कि पुलिस ने प्रकरण में तेजी दिखाते हुए बनभूलपुरा क्षेत्र से दो और काठगोदाम में तैनात विद्युत विभाग के एक कर्मचारी को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों में मो. फैजान निवासी नई बस्ती बनभूलपुरा, रईस अहमद वार्ड 26 नई बस्ती और यूपीसीएल कर्मचारी दिनेश सिंह दासपा शामिल है।

पूछताछ में आरोपियों ने कई खुलासे किये। आरोपी मो. फैजान ने स्वीकार किया कि इल्मा पुत्री रईस अहमद द्वारा दिये गए जाति प्रमाण पत्र के लिए दस्तावेजों का दुरुपयोग करते हुए, रईस अहमद के नाम से फर्जी स्थाई निवास प्रमाण पत्र तैयार कराया। इस प्रकार के अन्य कार्य भी उन्होंने किये। जबकि रईस अहमद ने भी माना कि उसने फर्जी स्थाई निवास बनवाने के लिए फैजान को आर्थिक लाभ दिया और यह जानते हुए भी कि दिये गए दस्तावेजों के आधार पर प्रमाण पत्र बनना संभव नहीं है। उसने गलत दस्तावेजों का उपयोग किया और फर्जी स्थाई निवास प्रमाण पत्र का प्रयोग कर अपना मैरिज सर्टिफिकेट भी बनवाया।

तीसरे आरोपी विद्युत विभाग के कर्मचारी दिनेश सिंह दासपा ने बताया कि वह यूपीसीएल तिकोनिया कार्यालय में टीजी टेक्निकल गेट सेकंड के पद पर तैनात है। बताया कि फैजान पिछले एक वर्ष से उससे संपर्क में था और फैजान के कहने पर वह 15 वर्ष पुराने बिजली कनेक्शन की जानकारी व बिलों की स्टाम्प युक्त प्रतियां उपलब्ध कराता था, जिन्हें फैजान प्रमाण पत्र बनाने में उपयोग करता था। उसने प्रति बिल 500 रुपए प्राप्त करने की बात भी स्वीकार की। पुलिस ने बताया कि तीनों को समय से न्यायालय में प्रस्तुत किया जा रहा है और मामले की जांच जारी है।

Follow us on WhatsApp Channel

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *