पंतनगर एयरपोर्ट कार्यालय

सैनिक फार्म में एयरपोर्ट विस्तार तो उठ सकते हैं विरोध के सुर

उत्तराखण्ड ऊधमसिंह नगर ताजा खबर

सैनिक फार्म में उत्पादित अनाज की कमाई सैनिक आश्रितों के हित में आती है काम
हल्द्वानी। पंतनगर एयरपोर्ट के सैनिक फार्म पत्थरचटटा की भूमि में विस्तार की योजना अगर धरातल पर उतरी तो विरोध के सुर भी उठ सकते हैं। क्योंकि सैनिक फार्म में उत्पादित अनाज से होने वाली कमाई से ही उत्तराखंड के सैनिकों की विधवाओं व उनके आश्रितों को सुविधा मुहैया कराई जाती है। यहां एयरपोर्ट बनने से उपजाऊ जमीन कंक्रीट में बदल जाएगी और सालाना औसत पांच करोड़ से अधिक की आय घटकर आधे से भी कम हो जाएगी। दरअसल भारतीय विमानन प्राधिकरण पंतनगर एयरपोर्ट के विस्तार की योजना बना रही है। सूत्रों के अनुसार विश्वस्तरीय सुविधाओं से लेस करने के लिए वर्तमान एयरपोर्ट फिट नहीं बैठ रहा है। इसके अलावा अन्य दिक्कतें भी आडद्ये आ रही हैं। ऐसे मेें प्रशासन ने नई जमीन की तलाश एयरपोर्ट के लिए शुरू कर दी है। सूत्रों के अनुसार टांडा जगल स्थित पत्थरचटटा के समीप सैनिक फार्म में एयरपोर्ट विस्तार की योजना बन रही है। सैनिक फार्म लगभग 758 एकड़ में फैला हुआ है। उपजाऊ जमीन होने के चलते यहां प्रत्येक वर्ष लगभग तीन हजार टन अनाज के अलावा काफी फलों का उत्पादन होता है। लगभग पांच करोड़ रुपये प्रतिवर्ष सैनिक फार्म उत्तराखंड के सैनिकों के आश्रितों व विधवाओं के कल्याण के लिए सरकार को देता है। यदि प्राधिकरण इसी जमीन पर एयरपोर्ट विस्तार की योजना पर मुहर लगा देता है तो विरोध के सुर भी उठ सकते हैं। क्योंकि इससे यहां उत्पादित अनाज से होने वाली कमाई आधे से भी कम हो जाएगी, वहीं अनाज और फलों का भी संकट हो जाएगा।

कर्नल प्रमोद शर्मा
कर्नल प्रमोद शर्मा

पुरानी जगह के विस्तार में है भलाई: शर्मा
– किसान हितों के लिए संघर्षशील व सेवानिवृत्त कर्नल किच्छा निवासी प्रमोद शर्मा ने कहा कि एयरपोर्ट का विस्तार का स्वागत है। मगर पुरानी जगह पर ही विस्तार किया जाए तो बेहतर है। क्योंकि सैनिक फार्म काफी उपजाऊ जमीन है और यहां की कमाई का काफी हिस्सा सैनिक विधवाओं व उनके आश्रितों के काम आता है। ऐसे में यह बात प्रशासन के समक्ष रखी जाएगी। जरूरत पड़ने पर आंदोलन का सहारा भी लेा पड़ेगा।

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