सेनानी के पुत्र को सहकारिता का जुनून

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सहकारी बैंक के जरिये किसान हित में जुटे हैं राजेंद्र नेगी
किसानों की आर्थिकी बेहतर करने का प्रयास

विनोद पनेरू, हल्द्वानी। सेनानी के पुत्र राजेन्द्र सिंह नेगी लगातार सहकारिता को बढ़ावा देने में जुटे हैं। सेनानी परिवार में जन्मे नेगी वर्तमान मेें नैनीताल जिला सहकारी बैंक अध्यक्ष पद के जरिये किसान हित में कार्य करने में जुटे हुए हैं। वे पर्वतीय किसानों की आर्थिकी मजबूत करने के लिए विभिन्न योजनाओं के माध्यम से लाभांवित तो कर ही रहे हैं। साथ ही अपने निजी प्रयासों से भी किसानों के मददगार बन रहे हैं। फिलहाल उनका मकसद सहकारी समितियों की संख्या बढ़ाकर अधिकाधिक किसानों को प्रोत्साहित करना है। 1963 में नथुवाखान, रामगढ़ में पूर्व विधायक, नैनीताल एवं स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्व. षिवनारायण सिंह नेगी के घर जन्मे राजेंद्र को बचपन से ही सहकारिता क्षेत्र में रुचि रही है। यही वजह है कि एमए (अर्थषास्त्र) से करने के बाद भी उनका लक्ष्य किसानहित में कार्य करना ही रहा है। नेगी वर्श 1988 से सहकारिता से जुड़े हैं। नेगी एक ग्राम स्तर की समिति से जुड़कर निरन्तर तहसील, जिला, राज्य एवं भारत की षीर्श सहकारी संस्थाओं में अपना योगदान देकर मार्गदर्षन प्रदान कर सहकारिता के माध्यम से विकास की गति के प्रवाह को निरन्तर बढ़ाते रहे हैं। नेगी वर्श 1988 से 93 तक जिला सहकारी संघ लि0 हल्द्वानी के अध्यक्ष एवं सदस्य- जिला पंचायत नैनीताल रहे। वर्श 1994 से 98 तक प्रतिनिधि/सदस्य-सेट्रल कोआपरेटिव वेयर हाउस कारपोरेषन में कार्य किया। वर्श 1995 से 1998 तक निदेषक- उत्तर प्रदेश कोआपरेटिव फैडरेषन लि़ लखनऊ (पीसीएफ) (कुमाऊं मण्डल), जुलाई 1999 से जुलाई 2002 तक निदेषक नैनीताल डिस्ट्रिक्ट कोआपरेटिव बैंक, अध्यक्ष- भेशज सहकारी संघ लि0, भवाली, निदेषक- उ0प्र0 उपभोक्ता सहकारी संघ लखनऊ, वर्श 2000 से वर्तमान तक प्रतिनिधि – इंडियन फारमर्स फर्टिलाइजर कोआपरेटिव लि़ दिल्ली के लिए कार्य किया। वर्तमाल में नैनीताल सहकारी बैंक अध्यक्ष पद का जिम्मा संभाल रहे नेगी किसानों को न्यूनतम ब्याजदर पर सहकारिता सहभागिता योजना में किसानों को ऋण दिलाना, परम्परागत खेती को बढ़ावा देने व किसानों को पर्वतीय उत्पादों का समर्थन मूल्य दिलाये जाने एवं उत्पादों के संग्रहण एवं विपणन केन्द्र समिति स्तर पर खोले जाने के लिए विशेष प्रयास कर रहे हैं। वहीं जनपद में महिला सहकारी समितियों के माध्यम से सूदूरवर्ती क्षेत्रों में किसानों को खाद, बीज, उर्वरक एवं नकद के रूप में ऋण सुविधा प्रदान करायी जा रही है। समितियों को बहुउद्देश्यीय बनाये जाने के लिए समितियों द्वारा कृषि ऋण वितरण के अतिरिक्त सौर ऊर्जा, आटा एवं मसाला चक्की, फोटो स्टेट मषीन, बीज व कृषि यन्त्र आदि व्यवसाय कर समितियों की आर्थिक स्थिति को और अधिक सषक्त़ करने के प्रयास में लगे हुए हैं।
इसी वजह से वर्ष 2015-16 में बैंक को बैंकिंग कार्य के क्षेत्र में सराहनीय कार्य करने के लिए नाबार्ड द्वारा प्रषस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। नेगी ने बताया कि उनका मकसद है कि किसानों की आर्थिक स्थिति को मजबूत किया जाए जिससे उनका खेती से मोह भंग न होने पाएगा।

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