ओपीडी का शुभारंभ करते प्राचार्य डा. सीपी भैसोड़ा

लाइलाज मरीजों को जीवन की आस जगाएगा स्वामी राम कैंसर चिकित्सालय, हल्द्वानी में खुली पहली पैलिएटिव ओपीडी

उत्तराखण्ड ताजा खबर नैनीताल

हल्द्वानी। राजकीय मेडिकल कॉलेज हल्द्वानी से सम्बद्ध स्वामी राम कैंसर चिकित्सालय में कैंसर और लाइलाज बीमारियों से जूझ रहे मरीजों को अब काफी राहत व सहुहिलयत मिल सकेगी। उन्हें अब परामर्श और परीक्षण के लिए सुशीला तिवारी अस्पताल के चक्कर काटने पर मजबूर नहीं होना पड़ेगा। वहीं अस्पताल में ही मरीजों को बेहतर जीवन जीने की इच्छा शक्ति ्रजगाने के साथ ही शारीरिक और मानसिक पीड़ा को कम करने में मददगार बनने के लिए हर वक्त एक टीम तैनात रहेगी।
स्वामी राम कैसर चिकित्सालय में गुरुवार को एनेस्थिसिया एवं क्रिटिकल केयर विभाग द्वारा संचालित प्रशामक /उपशामक उपचार (पैलिएटिव केयर) ओपीडी का संचालन शुरू हो गया है। एनेस्थिसिया विभागाध्यक्ष डा. गीता भण्डारी ने बताया कि पैलिएटिव केयर ओपीडी में बीमारियों से ग्रसित रोगियों के लिए एक विशेष टीम गठित होती है जिसमें विशेषज्ञ डॉक्टर, सामान्य डॉक्टर, नर्स, फिजियोथेरेपिस्ट, आध्यात्मिक या धार्मिक सलाहकार एवं स्वयंसेवी तैनात होते हैं। इनका लक्ष्य मरीज एवं मरीज के सम्बंधियों की जीवन गुणवता में सर्वश्रेष्ठ सुधार लाना होता है। यहां पर टीम द्वारा मरीज का शारीरिक, मानसिक, पीड़ा एवं बीमारी के लक्षणों का इलाज करना, मरीज को बीमारी के सम्बंध में सही राय देना, उपचार के उद्देश्य एवं उपचार के अन्य विकल्पों को समझाना, बीमारी के बावजूद कैसे सर्वश्रेष्ठ एवं पीड़ा रहित जीवन जिया जा सकता है यह सिखाना तथा मरीज व परिवार जनों का सही काउंसलिंग करना तथा बताना की मरीज की देख-रेख घर में भी कैसे की जा सकती है।
शुभारंभ करते हुए मेडिकल कालेज प्राचार्य प्राचार्य डा. सीपी भैसौड़ा ने बताया कि डा. स्वामी राम कैंसर चिकित्सालय में एनेस्थिसिया विभाग द्वारा संचालित पैलिएटिव केयर ओपीडी का संचालन लाइलाज बीमारियों से ग्रसित रोगियों को जीवन जीने में लाभदायक सिद्ध होगी। वर्तमान में पैलिएटिव ओपीडी का संचालन हल्द्वानी क्षेत्र में प्रथम बार हो रहा है। यह ओपीडी निदेशक चिकित्सा शिक्षा विभाग डा. आशुतोष सयाना के निर्देशों के बाद खोली गई है।
उक्त ओ0पी0डी0 में ऐसे रोगियों को जिनका ईलाज असंभव है व लाईलाज है जैसे कैंसर, एड्स, फालिस, डैमेन्शिया (याददाश्त कमजोर होना) बद्हवासी से ग्रस्त होना, पारकिन्सन्स, जीवन के अत्यन्त महत्वपूर्ण अंगो जैसे हदृय, गुर्दे, लीवर , फैफडों , का फेल होना इत्यादि जिसमें दवाईयों से ईलाज संभव नही है उन मरीजों को बिमारी के साथ सर्वश्रेष्ठ जीवन शैली प्रदान करना है।
इस दौरान चिकित्सा अधीक्षक डा. अरुण जोशी, प्रभारी स्वामी राम कैंसर संस्थान डा. केसी पाण्डेय, डा. निर्दोष पंत, डा. कर्नल ज्ञानचंद, डा. कौशल, डा. शिखा, डा. वृतिका, डा. पल्लवी चौहान, जनसंपर्क अधिकारी अलोक उप्रेती आदि उपस्थित थे।

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