सिडकुल पंतनगर

फिर बंद हुई सिडकुल की कई फैक्ट्रियां ठीक नहीं हैं सिडकुल पंतनगर के हालात

उत्तराखण्ड ऊधमसिंह नगर ताजा खबर

रुद्रपुर ( विनोद पनेरू )। सिडकुल पंतनगर के हालात कुछ ज्यादा ठीक नहीं हैं। उत्पादन में इजाफा न होने से फैक्ट्रियों के बंद होने का सिलसिला थम नहीं रहा है। हालांकि इक्का-दुक्का नई फैक्ट्रियां भी स्थापित हो रही हैं मगर पुरानी फैक्ट्रियोें की स्थिति में खास सुधार नहीं हो रहा है। हाल के कुछ महीनों में ही लगभग आधा दर्जन फैक्ट्रियां या तो बंद हो चुकी हैं या फिर प्लांट अन्यत्र शिफ्ट कर लिए गए हैं। इससे सैकड़ों लोगों का रोजगार भी छीन चुका है। सिडकुल पंतनगर में उत्तराखंड के दूरदराज के इलाकों के अलावा कई अन्य प्रदेशों से भी युवा रोजगार की तलाश में आते हैं। मगर अब उनके हाथ मायूसी लगने लगी है।
सिडकुल की स्थापना करीब 2003-04 में होने के बाद से ही बेरोजगारों को एक आस जगी की अब रोजगार के लिए भटकना नहीं पडे़गा और शुरुआत में उनकी उम्मीदें भी पूरी होती रही। नए-नए उद्योग लगने से रोजगार के द्वार खुलते गए और हजारों बेरोजगारों का रोजगार मिला। अभी भी अनुमान के अनुसार करीब एक 60 से 80 हजार लोग स्थायी और अस्थायी तौर पर सिडकुल में रोजगार से जुड़े हुए हैं। मगर वर्ष 2012 में आई मंदी के बाद से उद्योगों की स्थिति बदतर होती गई और कुछ वर्षो बाद उद्योगों के शिफ्ट या बंद होने की नौबत आने लगी। तब से यह सिलसिला लगातार चला आ रहा है। इससे पुराने कार्यरत श्रमिकों को रोजगार छीनने लगा है और नए लोग रोजगार के लिद ठोकरें खा रहे हैं।
हाल के दिनों में ये उद्योग हुए हैं बंद
रुद्रपुर श्रम विभाग कार्यालय के अनुसार हाल के दिनों में सिडकुल पंतनगर में स्थिति आम सोना, एमटेक, जेनेंद्रा व लाइनियर फैक्ट्रियों के बंद व यहां से अन्य शिफ्ट होने की सूचना मिली है। बताया कि एमटेक वेंडर फैक्ट्री थी जिसे शिफ्ट किया गया है जबकि आम सोना, जेनेंद्रा, लाइनियर के बंद होने की सूचना है।

क्या बोले एएलसी
रुद्रपुर श्रम कार्यालय के सहायक श्रमायुक्त यूएस चौहान ने बताया कि हाल के दिनों में कई अस्थायी श्रमिकों को हटाने की सूचना है। सटीक आंकड़ा नहीं है मगर ठेकेदारों से वार्ता के बाद यह बात सामने आई है कि तीस फीसदी अस्थायी श्रमिकों की छंटनी की गई है। इसके अलावा कुछ फैक्ट्रियां भी हाल के दिनों में बंद होने की सूचना मिली है।

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