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खर्चा 210 करोड़, चर्चा सिर्फ डेढ़ मिनट

उत्तराखण्ड मेरी कलम से समाज

नई दिल्ली। मोदी सरकार के चौथे और आखिरी बजट को पारित करने के लिए बुलाए गए सत्र का समापन हो गया। आपने अपने सांसदों को बड़े अरमानों व अपेक्षा के साथ संसद में भेजा था कि वे आपके मुद्दे संसद में उठाएंगे। लेकिन संसद के इस सत्र की ही बानगी देखिए कि संसद में चुनकर भेजे गए सांसद करते क्या हैं।इस सत्र में लोकसभा की कार्यवाही पर 210 करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च हो हुए हैं, लेकिन कार्यवाही सिर्फ 4 घंटे 52 मिनट ही चली है। पिछले दो महीने में देश में जिन 6 बड़े मुद्दों पर सबसे ज्यादा चर्चा हुई, उनमें से संसद में सिर्फ एक (एससी-एसटी) पर कुल 7.5 मिनट बात हुई। एससी-एसटी हिंसा पर गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने छह मिनट का बयान दिया। 1.5 मिनट चर्चा हुई।-देश भर में हुई हिंसा के मुद्दे को लोकसभा में कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने उठाया था। संसदीय कार्यमंत्री अनंत कुमार ने जवाब दिया, लेकिन चर्चा सिर्फ डेढ़ मिनट में खत्म हो गई।

-इसके अलावा पांच बड़े मुद्दों नीरव मोदी, एसएससी परीक्षा घोटाला, फेसबुक डेटा चोरी, किसानों की आत्महत्या और सीबीएससी पेपर लीक पर लोकसभा में कोई चर्चा नहीं हो सकी है।-लोकसभा सचिवालय के आंकड़ों के मुताबिक बजट सत्र के दूसरे हिस्से में 3 अप्रैल तक सदन में 2019 बार टोकाटाकी और 58 बार वेल में आकर हंगामा किया गया।-लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन ने 44 बार सदन को स्थगित किया। 42 बार आई एम सॉरी कहा। 60 बार सांसदों से गुहार लगाई. गो बैक टू योर सीट्स। सदन चलाने के लिए उन्होंने सांसदों से बार-बार अपील की बस हो गया, नहीं सुनाई दे रहा। दिस इज नाट फेयर। लेकिन नतीजा जीरो रहा। लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही कम से कम 15 बार एक, दो या तीन मिनट में ही स्थगित हो गई।-लोकसभा में काम के नाम पर सवालों के लिखित जवाब दिए गए। नीरव मोदी और बैंक घोटालों को लेकर सांसदों ने 17 सवाल पूछे। वहीं डेटा लीक पर तीन सवाल, एसएससी परीक्षा घोटाले पर एक और किसानों की आत्महत्याओं पर 12 सवालों के उत्तर दिए गए।

-नीरव मोदी, बैंक घोटालों, एसएससी परीक्षा, सीबीएसई पेपर लीक, फेसबुक डेटा चोरी, अविश्वास प्रस्ताव, कावेरी जल विवाद, आंध्र को विशेष राज्य का दर्जा आदि मुद्दों को लेकर भी संसद में हंगामा हुआ।

-संसदीय कार्यमंत्री अनंत कुमार ने कहा है कि एनडीए सांसद बजट सत्र के 23 दिन की सैलरी नहीं लेंगे।

ये 5 नारे संसद में सबसे ज्यादा गूंजे

. नीरव मोदी वापस लाओ

. वी वांट जस्टिस

. प्रधानमंत्री माफी मांगो

. लोकतंत्र की हत्या बंद करो

. वी वांट कावेरी बोर्ड

लोकसभा में बजट सत्र की कार्यवाही

बैठक के तय घंटे- 139 घंटे 54 मिनट

सदन की बैठक- 33 घंटे 16 मिनट

हंगामे में बर्बाद- 110 घंटे 44 मिनट

(ये आंकड़े 3 अप्रैल तक के हैं।)
साभार पंच आखर।

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