पहाड़ में बस रहे दिल्ली वालों के वहां नौकरी, क्या यही है विकास

बिल्डरों से बचा लो पहाड़, यही है इस धरा की पुकार
चन्दन सिंह नयाल
भीमताल। बिल्डर पहाड़ों की हरियाली का नाश कर रहे हैं। घने जंगलों को काट कर बड़ी-बड़ी बिल्डिंग बना रहे हैं और पहाड़ का युवा उनके घरों में मामूली नौकरी करने पर मजबूर है। क्या यही विकास है।
नैनीताल के कई ब्लाॅकों में बिल्डरों का राज हो गया है। जहां सुन्दर पेड पौधों का घना जंगल हुआ करता था वहां आज बडे बडे कंक्रीट के घर बन गये हैंए जो गांव के प्रतिष्ठित लोग हैं और ठेकेदार हैं वही इन बिल्डरों से पैसा कमा रहे हैं। बस गांव के गरीब लोग दबे के दबे रह गये हैं। जो भी बिल्डरों के साथ पहाड का व्यक्ति काम कर रहा है वह अपनी स्थिति भी सुधार ले रहा है और गरीब व्यक्ति को दबा दिया जा रहा है। दिल्ली से आये लोगों के वहां पहाड के नौकरी कर रहे हैं। उनके कुत्तों को घुमा रहे हैं। ऐसा तो हो रहा है पहाड का विकास और हो रहा है सुन्दर वातावरण का विनाश। उत्तराखंड को हिमांचल की तर्ज पर बनाने की बात कही थी पर एेसा कहीं नजर नहीं आता है। बिल्डरो के खिलाफ आवाज उठाने पर दबाया जाता है।
-यह विचार चन्दन सिंह नयाल के हैं। नयाल पर्यावरण हित में कार्य कर रहे हैं और नाई ओखलकांडा में रहते हैं।

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