जूट व्यवसाय मेें स्वरोजगार से सुनहरे भविष्य के दिये टिप्स

25 दिवसीय प्रशिक्षण का समापन, प्रमाण पत्र बांटे
हल्द्वानी। बेरोजगारों को जूट से विभिन्न उत्पाद बनाकर स्वरोजगार अपनाकर सुनहरे भविष्य बनाने के टिप्स दिये गए। वहीं प्रशिक्षणार्थियों को उद्यमिता विकास के गुर सिखाने के साथ ही प्रमाण पत्र वितरित किये गए।
एकीकृत हस्तशिल्प विकास एवं प्रोत्साहन योजना के तहत 25 दिवसीय जूट शिल्प कार्यशाला का समापन नवाड़खेड़ा गौलापार में हुआ। जिला उद्योग केंद्र, आईडीपीएच यूएचएचडीसी देहरादून, भारत सरकार कपड़ा उद्योग मंत्रालय की ओर से आयोजित कार्यशाला में 30 महिलाओं व युवतियों ने प्रशिक्षण प्राप्त किया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि ब्लाॅक प्रमुख भोला दत्त भटट ने कार्यशाला में तैयार उत्पादों की सराहना करते हुए स्वरोजगार के लिए प्रोत्साहित किया। साथ ही प्रमाण पत्र वितरित किये। वहीं जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक विपिन कुमार ने योजना के उददेश्य और कौशल विकास की जानकारी दी। प्रबंधक सुनील पंत ने उद्यमिता विकास के गुर बताए। यूएचडीसी के डिजायनर रविशेखर ने जूट से विभिन्न उत्पाद बनाने का कुशलतापूर्वक प्रशिक्षण दिया। खासकर ऐसे उत्पाद बनाने का प्रशिक्षण दिया गया जिनकी राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय बाजार में अधिक मांग है। पूर्व ब्लाॅक प्रमुख संध्या डालाकोटी ने भी नौकरी के स्थान पर स्वयं का उद्यम स्थापित करने को कहा। जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक विपिन कुमार ने जल्द ही बहुदिवसीय जूट कार्यशाला कराने का भरोसा दिया। वहीं प्रशिक्षणार्थी भी स्वरोजगार अपनाने के लिए तत्पर दिखे। इस दौरान कोआर्डिनेटर एनपी टम्टा, हेमा कबडवाल, मंजू राणा आदि भी मौजूद थे।

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