रुद्रपुर मेें 15 दिन तक सिखाए जाएंगे अभिनय के गुर, एक नाटक भी होगा तैयार

कला, साहित्य और रंगमंच जीवन में जरूरी: प्रदीप
रुद्रपुर। जीवन में कला, साहित्य और रंगमंच से जुड़ा होना बहुत जरूरी है। क्योंकि इससे तनाव रहित जीवन के साथ ही जीवन में सीखने और आगे बढ़ने की ललक पैदा होती है। यह बात रविवार को राज्यसभा सांसद प्रदीप टम्टा ने बीआरसी हॉल में क्रिएटिव उत्तराखंड की ओर से आयोजित की गई द्वितीय रंगमंच कार्यशाला के शुभारंभ अवसर पर कही। टम्टा ने कहा कि कला, साहित्य और रंगमंच जीवन के महत्वपूर्ण पहलू हैं। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की सांस्कृतिक विरासत बहुत समृद्ध है, और लोक रंगमंच पर बहुत काम किया जाना चाहिए। उन्होंने कला-संस्कृति के संवर्धन की दिशा में काम करने वाले कलाकारों को अपनी ओर से हरसम्भव मदद का भरोसा भी दिलाया।
इस अवसर पर प्रदीप टम्टा ने उनकी सांसद निधि की सहायता से रा. प्रा. विद्यालय रुद्रपुर स्थित सृजन पुस्तकालय में नवनिर्मित जनसुविधाओं का भी लोकार्पण किया गया।

कार्यक्रम के अवसर पर पहुंचे हुए लोग
कार्यक्रम के अवसर पर पहुंचे हुए लोग

वहीं सांसद टम्टा ने कार्यशाला के शुभारंभ के अवसर पर उत्तराखंड के लोकगीतों पर आधारित एक पीडीएफ संकलन का भी विमोचन किया गया।
पिथौरागढ़ से आए हुए कार्यशाला निर्देशक कैलाश कुमार ने बताया कि इस 15 दिवसीय कार्यशाला में प्रतिभागियों को अभिनय, मेकअप, संगीत, वेशभूषा, स्क्रिप्ट आदि विधाओं के बारे में अवगत कराया जाएगा और एक नाटक भी तैयार किया जाएगा। क्रिएटिव उत्तराखंड के कार्यशाला संयोजक सन्दीप सिंह ने बताया कि रंगमंच कार्यशाला में रोज शाम 4 बजे से 7 बजे तक जनता इंटर कॉलेज में लगभग 40 कलाकारों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। कार्यशाला के शुभारम्भ के अवसर पर अंतरराष्ट्रीय व्हीलचेयर क्रिकेट खिलाड़ी राज धामी, लेखक और प्रशासनिक अधिकारी ललित मोहन रयाल, जिला परियोजना अधिकारी हिमांशु जोशी, मदन मोहन बिष्ट, रंगकर्मी राजीव शर्मा, हरीश जोशी, दयाल पाण्डे, कस्तूरी लाल तागरा, संजय राधू, जयंत साहा, उषा टम्टा, सन्दीप सिंह, हरीश त्रिपाठी, पुष्पा टम्टा, आबिद अली, मोहित गाबा, नाहिद रजा, सुरेश भट्ट, अनीता, देवेंद्र, सन्तोष खन्ना, रमेश खन्ना, मंजू जोशी, ईशा, प्रमोद, कमला बिष्ट, एपी भारती आदि उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन हेम पन्त ने किया।

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