सुनो सरकार ! गन्ने का जो भी उत्पाद बनाओ उसमें उत्पादक किसान को भी हिस्सेदार बनाओ

आक्रोशित गन्ना उत्पादकों की बैठक में सरकार से की गई मांग
रुद्रपुर। सरकार चाहे किसी की भी आई हो मगर गन्ना उत्पादकों को आश्वासन के सिवा कुछ नहीं मिला है। मेहनत से तैयार फसल का भुगतान कब होगा किसान को कुछ मालूम नहीं रहता। उचित दाम तो शायद किसान के नसीब में ही नहीं है। लगातार हो रही उपेक्षा से गन्ना उत्पादकों में जबरदस्त आक्रोश है। एक बैठक के दौरान गन्ना उत्पादकों ने सरकार से सीधी मांग रखी है कि गन्ने से जो भी उत्पादक तैयार किये जाएं उसमें उत्पादकों को भी हिस्सेदार बनाया जाए। अगर ऐसा नहीं किया गया तो गन्ना किसानों की आय बढ़ाने की बात बेमानी ही साबित होगी। वहीं गन्ना किसान सरकार के खिलाफ आंदोलन का बिगुल फूंकने से भी पीछे नहीं हटेंगे।
बुधवार को पूर्व सैनिक स्वतंत्रता सेेनानी उत्तराधिकारी एवं कृषक संगठन की बैठक गन्ना किसानों की दुर्दशा को लेकर आयोजित की गईं। इसमें सरकार की ओर से की जा रही उपेक्षा पर नाराजगी जताते हुए कहा गया कि उत्पादकों की अनदेखी की वजह से ही गन्ने का रकबा लगातार घट रहा है। अगर यही हाल रहा तो कहीं किसानों का गन्ने की खेती से मोह भंग न हो जाए। उन्होंने समय पर भुगतान और उचित दाम न मिलने रोष जताया।
इस दौरान बैठक में कहा गया कि गन्ने के शीरे से बनी मदिरा, इथेनाल मिश्रित पेट्रोल व डीजल की आय में एक निश्चित भाग प्रदेश के किसानों को भी मिलना चाहिए। चीनी मिल से निकले बगास तथा अन्य केमिकलों से हुई आय का कुछ हिस्सा गन्ना किसानों के हिस्से आना चाहिए। कहा कि अगर ऐसा नहीं हुआ तो सरकार का आय दोगुना करने वाली बात बेमानी ही साबित होगी और किसानों का मोह गन्ना उत्पादन से भंग होने लगेगा। कहा कि सरकार उनकी मांगों पर गौर नहीं करती है तो किसान आंदोलन की रणनीति बनाने पर मजबूर होंगे।
इस मौके पर संयोजक कर्नल प्रमोद शर्मा, गणेश उपाध्याय, संजीव सिंह, खड़क सिंह कार्की, बिरेंद्र यादव, संजीव राय, नितिन राय, जगदीश सिंह, कुंवरपाल सिंह, मनोज चैहान, पुनीत शर्मा, प्रमोद चैहान, महिपाल बोरा, प्रशांत शर्मा, कृश्ण मुरारी राय अंकुर राय आदि मौजूद थे।

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